फ्रिज का आविष्कार कब हुआ ?



फ्रिज का चलन घर-घर में है। इससे अनेक फायदे हैं। शीतल जल मिलता है तथा खाद्य वस्तुएँ भी सुरक्षित रहती हैं। फ्रिज के जन्म की भी अजीब दास्तान है। आज से पाँच सौ वर्ष पूर्व ब्राजील के लोग
अपनी खाद्य वस्तुओं को ज्यादा दिनों तक सुरक्षित रखने के लिए बर्फीले पहाड़ों में दबाकर रखते थे।

16 वीं सदी के यूरोप के शासकों ने अपने राजमहल में एक कुआँ खुदवा रखा था जिसमें बर्फ जमा की जाती थी। इस कुएँ में फल व अन्य जरूरी खाद्य सामग्री को रस्सी के सहारे लटका कर रखा जाता था। 18 वीं शताब्दी के प्रथम चरण में क्लारेन्स जॉनी नामक एक वैज्ञानिक पर्यावरण का नजारा देखने के लिए अलास्का नगर की रमणीय बर्फीली चोटियों पर गया हुआ था। वहाँ उसने बर्फ की झील के किनारे कई आदिवासियों को देखा, जो मछलियाँ पकड़ रहे थे तथा उन मछलियों को एक टाट में बंद कर बर्फ के पहाड़ों में दबा रहे थे। तभी क्लारेन्स के मस्तिष्क में बिजली कौंधी। उसने मन में सोचा - भोजन को सुरक्षित रखने के लिए यह तरीका उचित है। बस यही बात उसके मस्तिष्क में घर कर गयी। अपनी पर्यावरण यात्रा से लौटने के उपरांत क्लोरेन्स ने दो खोखली प्लेटें ली, उनमें अमोनिया भरकर उनके बीच में भोजन रखा।
अमोनिया भोजन में से ऊष्मा खींच लेती थी और जब अमोनिया द्वारा पर्याप्त मात्रा में ऊष्मा सोख ली जाती थी, तो भोजन कई दिनों तक खराब नहीं होता था। दरअसल यह प्रक्रिया इस प्रकार होती थी कि तरल अमोनिया को खोखली प्लेटों से बने बक्से में भरा जाता था, जिसमें भोजन रखा जाता था। यह तरल अमोनिया भोजन से ऊष्मा सोखकर गैस में परिवर्तित हो जाती थी और इस तरह भोजन तरोताजा रहता था। इस विधि के अनुसार ही विभिन्न मौसम के फलों व सब्जियों को भी फ्रिज में रखा गया तो वे भी कई दिनों तक तरोताजा ही रहे। बाद में इसी विधि के आधार पर अमरीका में फ्रिजनुमा कई पेटियाँ बनीं जिनमें खाद्य सामग्री व फलों को सुरक्षित रखा जाने लगा। सन् 1902 में जोलिस फेकी नामक अमरीका के एक शोध छात्र ने पच्चीस लीटर क्षमता वाला एक ऐसा फ्रिज बनाया,
जो लोगों को बेहद पसंद आया और लोग घरों में इसका इस्तेमाल करने लगे।

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