फल पकने के बाद वृक्ष से टूटकर क्यों गिर जाते हैं ?


फल पकने के बाद वृक्ष से टूटकर क्यों गिर जाते हैं ?

👉 पका हुआ अंडाशय ही फल कहलाता है। जब अंडाशय फल में परिवर्तित हो जाता है, तो यह पकने लगता है। जिस स्थान से यह डंठल से जुड़ा रहता है, उस स्थान पर एक विलगन-परत का विकास होने लगता है। इसी परत के कारण ही पोषक-पदार्थों का फल में पहुंचना धीरे धीरे कम
होने लगता है और अंत में बिलकुल बंद हो जाता है। जब यह प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो फल वृक्ष से टूटकर गिर जाते हैं।

मिर्च खाने के बाद पानी पीने से राहत क्यों मिलती है?

👉 जीभ में कुछ ऐसी संवेदनशील स्वाद-ग्रंथिया होती हैं जो मुख्य रूप से मीठे, खट्टे और कड़वे स्वादों को भली-भांति पहचानती हैं। मिर्च के कुछ रसायन स्वाद-ग्रंथियों में जलन पैदा कर देते हैं जिससे जीभ के में भी जलन होने लगती है। पानी पीने से जलन पैदा करने वाले ये रसायन पानी के साथ बह जाते हैं और राहत मिलती है।

धूप में पेड़ की पत्तियां गरम क्यों नहीं होती?

👉 पौधों की पत्तियों में प्रायः 55 से 85 प्रतिशत तक पानी होता है। पत्तियों की निचली सतह पर छोटे-छोटे छिद्र होते हैं जिन्हें स्टोमेटा या रंध्र कहते हैं । जब धूप पत्तियों पर पड़ती है तो ये रंध्र खुल जाते हैं और वाष्पीकरण (पानी निकलने) की क्रिया से पानी वाष्पीकृत होना प्रारंभ हो जाता है। यह
क्रिया प्रस्वेदन कहलाती है। धूप जितनी तेज होती है, प्रस्वेदन की क्रिया भी उतनी ही अधिक होती है। परिणामस्वरूप, पेड़ की पत्तियां धूप में गरम नहीं होने पातीं।

धूप में कुछ देर बैठने पर आलस क्यों आता है?

👉 धूप में कुछ देर बैठने पर तुम्हारे शरीर से पसीना निकलना शुरू हो जाता है। पसीना निकलने से शरीर ढीला पड़ने लगता है और तुम्हें आलस घेर लेता है। खाना खाकर भी धूप में बैठने से तुम्हें आलस आ जाता है । खाना खाने के बाद शरीर का रक्त समस्त भोजन को पचाने का काम शुरू कर देता है। मस्तिष्क को भेजा जाने वाला रक्त भी इसी कार्य में जुट जाता है । इस कारण, शरीर में आलस आ जाता है।

अंडा उबालने पर ठोस क्यों हो जाता है ?

👉 कच्चे अंडे का आंतरिक भाग तरल होता है। अंडा उबालने पर ठोस हो जाता है। जानते हो, ऐसा क्यों होता है? अंडे के भीतरी भाग में एक प्रकार का प्रोटीन होता है जो सामान्य ताप पर तरल रहता है। किंतु, गरम करने पर यह प्रोटीन रासायनिक-क्रिया के फलस्वरूप विखंडित होकर ठोस में परिवर्तित हो जाता है। अंडे के पीले भाग में वसा अधिक मात्रा में मिलती है।

नाखून काटने से दर्द क्यों नहीं होता?

👉 शरीर के अंगों की रचना दो प्रकार की कोशिकाओं से होती है-जीवित और मृत कोशिकाएं।
नाखूनों की संरचना मृत-कोशिकाओं से होती है। यही कारण है कि नाखूनों में रुधिर की कोशिकाएं नहीं पाई जातीं । अतः जब तुम नाखून काटते हो, तो दर्द का अनुभव नहीं होता।

रात्रि में पेड़ों के नीचे सोना हानिकारक क्यों हैं?

👉 पेड़ ऑक्सीजन देते हैं और अशुद्ध वायु कार्बन डाईऑक्साइड लेते हैं। पेड़ प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के दौरान ही ऑक्सीजन छोड़ने एवं कार्बन डाईऑक्साइड ग्रहण करने का कार्य करते हैं।
प्रकाश संश्लेषण की क्रिया सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में केवल दिन के समय ही संभव है। रात्रि को यह क्रिया नहीं होती। रात्रि में पेड़ कार्बन डाईऑक्साइड गैस ही छोड़ते हैं और ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं। अतः रात्रि में पेड़ों के नीचे सोना हानिकारक है।

Previous Post Next Post