शरीर में बिजली क्यों पैदा होती है?


शरीर में बिजली क्यों पैदा होती है?

👉बिजली पैदा करने वाली मछलियों की बात तो सबने सुनी है, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि हमारे शरीर में भी बिजली पैदा होती है। शरीर के अंदर पैदा होने वाली विद्युत धारा से शरीर की तंत्रिकाओं, मांसपेशियों और दूसरे अंगों का नियंत्रण तथा संचालन होता है।
वास्तविकता तो यह है कि शरीर के समस्त कार्यो और प्रक्रियाओं में विद्युत का किसी न किसी रूप में प्रयोग होता है। आइए जानें कि मानव शरीर में बिजली क्यों पैदा होती है? असल में, मांसपेशियों का बल विद्युत आवेश के आकर्षण और विकर्षण से ही पैदा होता है। मस्तिष्क से आने वाले सभी संदेश विद्युत धारा के रूप में ही तंत्रिकाओं से आते-जाते हैं। विद्युत संदेश कुछ विशेष प्रकार की कोशिकाओं की विद्युत रासायनिक प्रक्रिया के फलस्वरूप पैदा होते हैं। ये विद्युत संकेत बीमारियों
के बारे में भी जानकारी देते हैं। हृदय के संकेतों की तीव्रता को मापकर आसानी से जाना जा सकता
है कि दिल में कोई खराबी है या नहीं। मांसपेशियों से आने वाले संदेशों को इलेक्ट्रोमायोग्राम या ईएमजी, हृदय से आनेवाले संदेशों को इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम या ईसीजी, मस्तिष्क के संदेशों को इलेक्ट्रोएसफेलोग्राम या ईईजी और हृदय के चुंबकीय संदेशों को मैग्नेटोकार्डियोग्राम या एमसीजी कहते हैं। विद्युत संदेशों से प्राप्त सूचनाएं चिकित्सकों के लिए काफी महत्वपूर्ण होती हैं।

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