फंगस एलएसडी खतरनाक क्यों होती है?


फंगस एलएसडी खतरनाक क्यों होती है?

👉 कुछ बीमारियों का इलाज फंगस से बनी दवाइयों से ही संभव है, लेकिन इन दवाओं के सेवन से कई दुष्परिणाम भी उभर कर सामने आते हैं। 'इरगोट फंगस' से बनी एलएसडी (लिजरजिक एसिड डाइथेलेमाइड) एक ऐसी ही खतरनाक भ्रांतिजनक दवा है, जिससे शरीर पर कई अवांछित प्रभाव पड़ते हैं। आमतौर पर शराबखोरी की आदत छुड़ाने तथा कैंसर के मरीजों की पीड़ा को कम करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। ज्यादातर डॉक्टर एलएसडी को स्कीजोफ्रेनिया जैसी बीमारियों से पैदा होने वाले मानसिक तनावों को कम करने के लिए प्रयोग करते हैं। क्या आप जानते हैं कि फंगस से बनी यह दवा खतरनाक क्यों होती है? इस औषधि को इरगोट नामक फंगस से मिलने वाले यौगिकों को संश्लेषित करके बनाया जाता है।
यह फंगस राई व अन्य किस्म की घासों पर उगती है। 'एलएसडी' शरीर की किसी भी श्लेष्मलीय
सतह द्वारा अवशोषित कर ली जाती है। 'एलएसडी' सेरोटोनिन के विपरीत क्रिया करती है। इसकी
ज्यादा मात्रा लेने से मनोविकृति संबंधी प्रतिक्रियाएं लंबी खिंचती हैं। एलएसडी 30 से 60 मिनट के
बीच अपना असर दिखाना प्रारंभ कर देती है, जबकि 8 से 10 घंटों तक इसका असर बना रहता
है। एलएसडी का लगातार प्रयोग क्रोमोसोस तथा आनुवंशिक संबंधी हानि भी कर सकता है।

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