तकिया लगाकर सोना हानिकारक क्यों है?


तकिया लगाकर सोना हानिकारक क्यों है?

👉 तकिया लगाकर सोना तो प्रायः सभी को अच्छा लगता है, लेकिन सिर पर खड़ी ज्यादातर बीमारियों की जड़ सिरहाने पड़ा रहने वाला यही तकिया ही होता है। तकिये की वजह से व्यक्ति को दिल (हृदय) तथा आंखों की बीमारियों के अलावा दमा जैसे खतरनाक रोग जकड़ लेते हैं। तकिये पर सिर रखकर सोते समय मनुष्य के शरीर की सभी गतिविधियों को नियंत्रित करने वाली रक्त संचार प्रणाली में अवरोध उत्पन्न हो जाता है। इसकी वजह से शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलने में रुकावट आती है। अतः तकिया लगाकर सोना हानिकारक सिद्ध हो सकता है।

भोजन अदल-बदलकर क्यों खाना चाहिए?

👉 तुम्हारे शरीर को जिन पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, वे एक ही प्रकार के भोजन में कदापि नहीं मिलते। इन्हें भिन्न-भिन्न प्रकार के भोजन से ही प्राप्त किया जा सकता है। अतः शरीर की आवश्यकतानुसार प्रतिदिन भोजन अदल-बदलकर खाना लाभकारी होता है ताकि तुम्हारे शरीर को पोषक तत्व प्राप्त हों तथा तुम सदैव स्वस्थ रह सको। ऐसा नहीं है कि जीभ के स्वाद के लिए भोजन अदल-बदलकर खाया जाता हो।

जब तुम भागते हो, तो तुम्हारा हृदय तेज गति से क्यों धड़कने लगता है?

👉 दौड़ने अथवा व्यायाम करने से तुम्हारी हृदय-गति तेज हो जाती है। जब तुम ऐसा करते हो, तब तुम्हें अधिक ऊर्जा का उपयोग करना पड़ता है। शरीर में अधिक ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ती है। शरीर के जो भाग अधिक कार्य करते हैं, उन तक जल्दी-जल्दी ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए शरीर में रक्त की गति भी तेज हो जाती है जिससे हृदय की गति बढ़ जाती है। इसी कारण से हृदय तेजी से धड़कने लगता है। यों तो एक मिनट में हृदय 72 बार धड़कता है किंतु दौड़ते या व्यायाम करते समय इसे अधिक कार्य करना पड़ता है।

तुम्हें जम्हाई क्यों आती है?

👉 तुम सोच रहे होगे कि अधिक काम से थकान पैदा होने अथवा पूरी नींद न लेने से जम्हाई आती है। लेकिन, ऐसा कदापि नहीं होता। काफी देर तक एक ही स्थिति में बैठे रहने अथवा कठोर परिश्रम करने से एक लंबे समय के बाद तुम्हारे शरीर की श्वसन-गति धीमी पड़ जाती है। जिससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है । जम्हाई आने का सिर्फ यही कारण है, बस! जम्हाई से छुटकारा पाने के लिए शरीर में अधिकाधिक ऑक्सीजन की मात्रा बनी रहने देनी आवश्यक है।

कुछ देर गोलाई में घूमने पर तुम्हें चक्कर क्यों आने लगते हैं?

👉 शरीर का संतुलन कान के अंदर स्थित तीन अर्धवृत्ताकार नलिकाओं द्वारा किया जाता है। इनकी दीवारों पर रोम होते हैं, जिनमें द्रव भरा रहता है। सामान्य तौर पर यह द्रव स्थिर रहता है। किंतु, जब तुम लगातार गोलाई में घूमने लगते हो, तो इसमें गति आ जाती है और यह गतिशील हो जाता है। अब यह गति नलिकाओं की भीतरी सतह पर स्थित रोमों के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुंचती है। इसी कारण तुम्हें चक्कर आने लगते हैं।

कुछ लोग जल्दी क्यों भूल जाते हैं?

👉 कभी-कभी देखने में आता है कि कुछ लोग याद की हुई बातों अथवा रखी हुई चीजों को शीघ्र भूल जाते हैं। क्या तुम्हारे साथ भी ऐसा होता है ? दरअसल, स्मरण शक्ति क्षीण होने के कुछ खास कारण हैं। नशीले पदार्थों का सेवन स्मरण शक्ति को क्षीण कर देता है। स्मरण शक्ति पर आयु का प्रभाव भी पड़ता है। शारीरिक एवं मानसिक बीमारी भी स्मरण शक्ति को घटाती है। इनके अतिरिक्त क्रोध, घबराहट, तनाव एवं चिंता के कारण भी स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है।

तुम्हारा कद पूरी उम्र क्यों नहीं बढ़ता?

👉 तुम्हारे पापा का कद बढ़ना बंद हो गया है और तुम अब भी बढ़ रहे हो। ऐसा क्यों?
जब बच्चा पैदा होता है, तो उसका औसतन कद 50 से.मी. होता है। जन्म के बाद वह तेजी से बढ़ता है परंतु कुछ समय के बाद वृद्धि की दर धीमी पड़ जाती है। 12 वर्ष की उम्र तक कद लगभग डेढ़ गुणा अर्थात 1.7 मीटर हो जाता है । फिर, कद का बढ़ना रुक जाता है क्योंकि शरीर की ग्रंथियों का ऐसा सिस्टम (तंत्र) होता है जो कद को नियंत्रण में रखता है। कुछ बच्चे 20 वर्ष के बाद भी बढ़ते रहते हैं और सही कद 35 या 40 वर्ष की आयु के बीच तय हो पाता है। इसके बाद हर 10 वर्ष के दौरान मनुष्य 12 मिलीमीटर सिकुड़ जाते हैं।

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