बिहार का इतिहास | बिहार का इतिहास जानने का स्रोत | history of bihar 


बिहार का एक गौरवमयी इतिहास रहा है। इसका उल्लेखन, वेदों, पुराणों और महाकाव्यों तक में मिलता है। जब उत्तर वैदिक काल में आयों का विस्तार पूर्व की ओर हुआ, तो उसी क्रम में आर्य मगध एवं मिथिला के क्षेत्र में बसे। हालांकि मगध के मूल लोगों के प्रति उन्होंने व्रात्य एवं इसी तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया है परन्तु कालांतर में उन लोगों ने यहां के लोगों के साथ अपना सामंजस्य स्थापित किया, जिसका प्रमाण हमें अथर्ववेद में मिलता है। आर्यों के बहुत से धार्मिक ग्रंथ इसी क्षेत्र में लिखने गये। यह क्षेत्र महात्मा बुद्ध और 24 जैन तीर्थंकरों की कर्मभूमि रहा है। ईसा पूर्व के समय दस क्षेत्र के महान शासकों में बिम्बिसार, उदयन, चंद्रगुप्त मौर्य, सम्राट अशोक आदि प्रमुख हैं। कुषाण राजवंश के बाद गुप्त राजवंश के स्वर्णिम भारत के युग का शासन यहीं से संचालित हुआ।

मध्यकाल में मुस्लिम शासकों का इस क्षेत्र पर अधिकार रहा। मिनहाज-उस-सिराज द्वारा रचित तबकाते नासिरी में बिहारशरीफ के नाम पर बिहार सूबे की प्रथम वर्चा आयी है। बिहार पर सबसे पहले विजय पाने वाला मुस्लिम शासक मुहम्मद बिन बख्तियार जिवलजी था। यहां दिल्ली सल्तनत तथा मुगल शासकों का भी शासन रहा। इसी के मध्य शेरशाह का उदय होता है। शेरशाह के उदय से पूर्व बिहार विभिन्न राजनीतिक इकाइयों में बंटा रहा, जिसमें मिथिला के कर्नाट शासक, भोजपुर के उज्जैन और पटना के बुलानी शासक प्रमुख थे। शेरशाह'ने पटना के प्राचीन महत्व को पुनः लौटाने का प्रयास किया।
मुगलों में अकबर ने बिहार पर कब्जा किया एवं इसे एक सूवा बनाया। औरंगजेब की मृत्यु के बाद बिहार पर बंगाल के नवाबों का प्रभाव शुरू हुआ और जब 1757 में अंग्रेजों ने प्लासी के युद्ध में बंगाल के नवाब को पराजित किया तो बिहार पर भी अंग्रेजों का आधिपत्य हो गया। 1011 तक बिहार बंगाल प्रेसीडेन्सी का हिस्सा बना रहा। 12 दिसंबर, 1911 को संयुक्त बिहार और उड़ीसा राज्य का गठन किया गया। 1996 में बिहार अलग राज्य बना। 15 नवम्बर, 2000 को पुनः बिहार का विभाजन हुआ और इसके दक्षिणी भाग से एक नये राज्य झारखंड का गठन किया गया।
बिहार का उपर्युक्त संक्षिप्त इतिहास बताने का उद्देश्य यह है कि यहां एक समृद्धशाली इतिहास एवं परंपगाएं रही हैं। यहां प्राकृतिक संसाधनों की भरमार रही है, इसलिए आज बिहार को भारत के समृद्धशाली राज्यों में से एक होना चाहिए था तथा विकार के प्रति बाहर के लोगों में सम्मान की भावना होनी चाहिए थी, परन्तु सत्य कुछ और ही है। आज बिहार भारत के निर्धनतम राज्यों में से एक है तथा देश में सबसे कम साक्षरता इसी राज्य की है। इस राज्य में कोई विदेशी या भारतीय निवेश नहीं करना चाहता है। बिहार एवं यहां के लोगों के प्रति अन्य क्षेत्रों के लोगों में घृणा की भावना है। आज बिहार के पास प्रचूर मात्रा में उपजाऊ दोआब का क्षेत्र है, प्रचूर मात्रा में मानवीय पूंजी उपलब्ध है। बिहार के मजदूरों ने पंजाब, हरियाणा, गुजरात एवं दिल्ली की आर्थिक समृद्धि में महती योगदान दिया है, परन्तु इसके बावजूद हमारा बिहार आज विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है। इस विषय में चिंतन करने की आवश्यकता है।


विषय सूची
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1. बिहार का इतिहास

2. बिहार की राजव्यवस्था

3. बिहार का भूगोल

4. बिहार की जनसंख्या

5. बिहार की अर्थव्यवस्था

6. बिहार में वर्ग संघर्ष, गरीबी उन्मूलन एवं नारी शक्ति करण

7. बिहार में पर्यटन

8. बिहार में कला एवं संस्कृति

9. बिहार के महत्वपूर्ण व्यक्ति

10. विविध
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